झर्झर झरी झार्यौ र मन रसायो
जर्जर मन पार्यौ र मन रसायो
एक्लै यो समरमा कसरी पार पाउँ म
पल्`पल निंदमा आयौ र मन रसायो
जोडुँ भन्छु मन्`को तार छोट्टिदै जान्छ र
झन्`झन टाढा छायौ र मन रसायो
किनारामा नैया तिम्रै थियो मेरा लागि
छल्`छल अर्कै तार्यौ र मन रसायो
हिसाब गरिदेउ 'नीर' को ए मशिह
छल्`फल पर सार्यौ र मन रसायो
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